योगी सरकार का डिजिटल UP की और बड़ा कदम, फ्यूचर रेडी तहसीलों में AI और ई-गवर्नेस की एंट्री
उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के राजस्व प्रशासन को आधुनिक, पारदर्शी और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप प्रदेश की सभी तहसीलों को “फ्यूचर रेडी तहसील” के रूप में विकसित किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य तहसील स्तर पर नागरिकों को तेज, डिजिटल, पारदर्शी और नागरिक केंद्रित सेवाएं उपलब्ध कराना है। यह पहल न केवल डिजिटल इंडिया अभियान को तहसील स्तर तक ले जाएगी, बल्कि ई-गवर्नेस को भी नई ऊंचाइयों पर पहुंचाएगी।उत्तर प्रदेश का राजस्व प्रशासन अब तक आम नागरिकों के लिए सबसे अधिक संपर्क वाला प्रशासनिक ढांचा रहा है। भूमि से जुड़े रिकॉर्ड, दाखिल खारिज, जाति, आय और निवास प्रमाण-पत्र, विरासत से जुड़े मामलों और राजस्व विवादों के लिए नागरिकों को तहसीलों के चक्कर लगाने पड़ते थे। फ्यूचर रेडी तहसील योजना के तहत इन सभी सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल किया जाएगा, ताकि नागरिक घर बैठे ही अधिकांश सेवाओं का लाभ उठा सकें।राजस्व विभाग की समीक्षा बैठकों में इस बात पर सहमति बनी है कि प्रदेश की सभी तहसीलों का सर्वे कर उनकी मौजूदा स्थिति, इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीकी जरूरतों और भविष्य की मांगों का आकलन किया जाएगा। इसके आधार पर एक विस्तृत फ्रेमवर्क तैयार किया जा रहा है, जिसे जून 2026 तक पूरा करने की समय सीमा निर्धारित की गई है।फ्यूचर रेडी तहसीलों में अत्याधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म, ई-फाइलिंग सिस्टम, ऑनलाइन रिकॉर्ड मैनेजमेंट और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की व्यवस्था की जाएगी। भूमि रिकॉर्ड पूरी तरह डिजिटल होंगे और ब्लॉकचेन तकनीक के माध्यम से सुरक्षित किए जाएंगे, जिससे छेड़छाड़ और फर्जीवाड़े की संभावनाएं लगभग समाप्त हो जाएंगी। इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सिस्टम भी लागू किए जाएंगे, जो राजस्व मामलों की निगरानी, शिकायतों के निस्तारण और डेटा विश्लेषण में मदद करेंगे। इससे प्रशासनिक निर्णय अधिक सटीक और समयबद्ध हो सकेंगे।




