कानपुर में कॉलेज से लौट रही बीबीए छात्रा को आवारा कुत्तों ने घेरा, नोंच लिया चेहरा, 17 टांके लगाकर सिलना पड़ा गाल
फैज़ का कहना है कि बच्चा इतना डरा हुआ है कि वह न तो खाना खा पा रही है और न ही मुंह हिला पा रही है। बड़ी मुश्किल से स्ट्रॉ के नाम पर तरल पदार्थ भरे जा रहे हैं। परिवार की मांग है कि ठोस कदम उठाने के लिए सरकार की मशीनरी को सड़कों से निकाला जाए। उदाहरण के लिए या तो नामांकित किसी सुरक्षित जगह या आश्रय में रखा जाए, लेकिन सड़क पर सवारी से पुनर्जीवित हो जाए, ताकि भविष्य में किसी और लड़की के साथ ऐसी मकड़ी की घटना न घटे।




