लद्दाख में बौद्ध युवती का अपहरण, गुस्साए लोगों ने की ‘योगी कानून’ लागू करने की मांग
लद्दाख के जांस्कर क्षेत्र में बौद्ध समुदाय की युवती स्टैनज़िन यांगडोल के कई दिनों से लापता होने का मामला सामने आया है. युवती के परिजनों और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि युवती को अज्ञात व्यक्तियों द्वारा अगवा कर गलत तरीके से बंधक बनाकर रखा गया है. मामले को लेकर इलाके में काफी आक्रोश देखने को मिला. स्थानीय लोगों और संगठनों ने जांस्कर बंद कर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन से युवती की सुरक्षित बरामदगी व आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की. इस संबंध में स्थानीय लोगों ने उप-मंडलीय मजिस्ट्रेट (SDM) जांस्कर को एक ज्ञापन सौंपा. साथ ही युवती को जल्द से जल्द परिवार के सुपुर्द करने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई. जांस्कर बुद्धिस्ट एसोसिएशन और लद्दाख बुद्धिस्ट एसोसिएशन ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मांग की है कि लद्दाख में एंटी-कन्वर्जन / एंटी-लव जिहाद कानून लागू किया जाए.ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि युवती को पहले सुनियोजित तरीके से गलत जानकारी देकर बहकाया गया. फिर उसे मानसिक रूप से प्रभावित कर संपर्क से काट दिया गया. परिजनों का कहना है कि युवती की तलाश के लिए व्यापक स्तर पर खोज, रिश्तेदारों और दोस्तों के माध्यम से पूछताछ की गई. इसके बावजूद अब तक युवती का कोई सुराग नहीं मिल पाया है. ज्ञापन में गंभीर चिंता जताते हुए कहा गया है कि जांस्कर क्षेत्र में कुछ मामलों में शादी के नाम पर बौद्ध युवतियों को छल-कपट, प्रलोभन, दबाव या गलत जानकारी देकर धर्मांतरण की कोशिशों का एक पैटर्न सामने आ रहा है. लोगों का दावा है कि ऐसे मामलों में अक्सर केवल युवती का ही धर्म परिवर्तन किया जाता है. जबकि पुरुष पक्ष द्वारा धर्म परिवर्तन नहीं किया जाता. जिससे इन घटनाओं की मंशा और वैधता पर सवाल उठते हैं. ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि अंतरधार्मिक विवाह वास्तव में स्वतंत्र सहमति पर आधारित हों. तब उन्हें विशेष विवाह अधिनियम के तहत बिना धर्म परिवर्तन भी वैधानिक रूप से संपन्न किया जा सकता है. इसके बावजूद एकतरफा धर्म परिवर्तन की शर्त संदेह को और गहरा करती है.




