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सिपाहियों को लेकर सदन में सपा के RK Verma ने ऐसा क्या कहा, सब रह गये सन्न !

आरके वर्मा ने सदन में उत्तर प्रदेश के सिपाहियों के पक्ष में अपने विचार पेश किए जिसकी हर कोई तारीफ कर रहा है, उन्होंने उत्तर प्रदेश के सिपाहियों के वेतन के बारे में ही नहीं बल्कि उनकी छुट्टियों और उनके माता- पिता के बारे में भी खुल कर बात की। आरके वर्मा ने पूरे सदन के सामने सिपाहियों के बारे में बात करते हुए कहा कि जब कोई सिपाही एक बार कमर में बेल्ट कस लेता है तो उसे यह भी नहीं पता होता है कि वह खाना कब खाएगा, यह वह आराम कब करेगा, काम में इतना व्यस्त हो जाता है कि वह खुद के लिए सोच ही नहीं पाता है। वहीं उन्होंने सदन में सिपाहियों के माता- पिता के बारे में बात करते हुए कहा कि माता- पिता दिन रात मेहनत करके अपने बच्चे को पढ़ाते- लिखाते हैं कि नौकरी लगने के बाद वह माता-पिता के बुढ़ापे का सहारा बनेगा, अपनी खुशियों की तिलांजलि दे देते हैं लेकिन वही माता- पिता जब बीमार पढ़ते हैं तो सिपाही अपने माता- पिता के पास नहीं जा पाते हैं क्योंकि वह अपने घर से 500- 600 किमी दूर होते हैं। सहारनपुर का लड़का बलिया में कार्यरत है, जिसकी वजह से सिपाहियों के माता- पिता को इमोशनल सपोर्ट नहीं मिल पाता है। अपनी बात कहते हुए आरके वर्मा ने सिपाहियों के स्थानान्तरण पर प्रकाश ड़ालते हुए कहा कि 2019 बैच के सिपाही अपने घर से लगभग 500-600 किमी. दूर है।

2020,2021,2022 के सिपाहियों की पोस्टिंग तो उनके घर के पास है लेकिन 2019 के सिपाही की पोस्टिंग बहुत दूर है उनकी भी पोस्टिंग घर के पास करा दी जाए। पोस्टिंग दूर होने की वजह से माता- पिता के साथ – साथ सिपाहियों का भी इमोशनल लॉस होता है जिसको कोई भी पूरा नहीं कर सकता है। आरके वर्मा ने सदन में कानपुर का मुद्दा उठाते हुए कहा कि मैंने समाचार पत्र में पढ़ा था कि कानपुर के कई हजार सिपाही लापता है ऐसे ही अनेकों जनपदों से सिपाहियों के लापता होने की खबर आती है।

इसकी के साथ उन्होंने उत्तर प्रदेश सिपाहियों के वेतन के बारे में बात करते हुए कहा कि हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और महाराष्ट्र के सिपाहियों का प्रारंभिक वेतन 35000 से लेकर 50000 है लेकिन उत्तर प्रदेश के सिपाहियों का प्रारंभिक वेतन 21.700 है। आरके वर्मा ने उत्तर प्रदेश के सिपाही के वेतन के बारे में विस्तार से चर्चा से करते हुए कहा कि सिपाहियों का राशन भत्ता 1875 रुपए जो कि सरकार देती हैं, लेकिन पुलिस विभाग की कैंटीन में एक सिपाही के राशन का खर्चा 3000 से कम नहीं आता है। वर्दी का भत्ता 3000रु और साइकिल का भत्ता ( जबकि तीन साल पहले उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री जी ने सिपाहियों को 500 रुपए मोटर साइकिल भत्ता देने का नियम निकाला था जो कि अभी तक पारित नहीं हुआ है)। वर्दी धुलाई का 188 रुपए और उत्तर प्रदेश के सिपाहियों को किसी भी प्रकार का जोखिम भत्ता नहीं दिया जाता है। वहीं यूपी के सिपाहियों को किसी प्रकार की छुट्टि नहीं दी जाती है, कम से कम महीने में 2,3 दिन का अवकाश दिया जाना चाहिए। इसी के साथ ही आरके वर्मा ने महिला सिपाहियों के बारे में बात करते हुए कहा कि महिला सिपाहियों के साथ सबसे ज्यादा दिक्कत रहने की आती है इनको आवासीय सुविधा मिलनी चाहिए।

आरके वर्मा ने सिपाहियों के हित में मांग करते हुए मुख्यमंत्री जी से कहा कि उत्तर प्रदेश का सिपाहियों का वेतन बढ़ाकर उन्हें 4200 ग्रेड पर कर दिया जाए और राशन भत्ता 1875 से 3000 कर दिया जाए और वर्दी भत्ता 3000 से बढ़ाकर 6000 कर दिया जाए। साइकिल भत्ता 200 से बढ़ाकर 1000 रुपए मोटरसाइकिल भत्ता कर दिया जाए, एचआए कम से कम 25 % निर्धारित कर दिया जाए और साथ ही जोखिम भत्ता भी निर्धारित कर दिया जाए।

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