जेल की जगह मिल गई बेल; एक गलती से MP हाई कोर्ट ने खुद ही कर दिया बड़ा ब्लंडर
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट से हाल ही में एक टाइपो की बड़ी गलती हो गई। कोर्ट ने अपराधी से हत्या के मामले में जेल की जगह बेल को आदेश दिया। बाद में अदालत में अपनी गलती का खुलासा हुआ और जमानत याचिका पर एक आदेश वापस ले लिया गया। असल में एमपी हाई कोर्ट को केस की सुनवाई के बाद जमानत याचिका को खारिज करना था पर अदालत ने उसे स्वीकार कर लिया और जिसे स्वीकार करना था, उसु खारिज कर दिया गया।
8 अगस्त को उसी मामले में एक सह-आरोपी के वकील ने अदालत को सूचित किया कि एक टाइपो ने दो जमानत याचिकाओं के परिणामों को बदल दिया था। एक जिसे खारिज किया जाना चाहिए था उसे स्वीकार कर लिया गया और जिसे स्वीकार किया जाना चाहिए था उसे खारिज कर दिया गया। उन्होंने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल मिलनी थी, लेकिन उसे खारिज कर दिया गया। एक संबंधित जमानत याचिका को खारिज किया जाना था, लेकिन उसे इसके बजाय स्वीकार कर लिया गया।




