कांवड यात्रा रूट पर सभी को अपना नाम डिस्प्ले करना ही होगा, QR कोड पर SC ने अंतरिम आदेश देने से किया इंकार
सुप्रीम कोर्ट ने कांवड यात्रा के आखिरी दिन एक अहम आदेश जारी किया है. कोर्ट ने कहा है कि कावड यात्रा रूट पर मौजूद सभी होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों को अपने लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट को दुकान के बाहर साफ-साफ दिखाना होगा. यानी अब हर दुकान को अपनी पहचान और आधिकारिक कागजात खुले में प्रदर्शित करने होंगे, ताकि कोई भ्रम न रहे. लेकिन, QR कोड डिस्प्ले करने के मुद्दे पर कोर्ट ने अभी कोई अंतरिम आदेश देने से मना कर दिया है. कोर्ट ने बाकी मसलों पर भी कोई तत्काल निर्देश जारी नहीं किया और कहा कि इन पर बाद में विचार होगा. कांवड यात्रा हर साल सावन के महीने में लाखों शिव भक्तों द्वारा की जाती है. इस दौरान उत्तर भारत, खासकर उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली जैसे राज्यों में कांवड़िए गंगा जल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ते हैं. इस यात्रा के रास्ते में कई होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट होते हैं, जहां कांवड़िए खाना-पीना करते हैं. कुछ समय से इन दुकानों के खाने की गुणवत्ता और उनकी वैधता को लेकर सवाल उठ रहे थे. कुछ लोगों ने मांग की थी कि इन दुकानों को अपनी पहचान और लाइसेंस के साथ-साथ QR कोड भी डिस्प्ले करना चाहिए, ताकि ग्राहक आसानी से उनके बारे में जानकारी ले सकें.सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए साफ निर्देश दिया कि कांवड यात्रा के रास्ते में मौजूद सभी होटल और रेस्टोरेंट को अपने लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट को दुकान के बाहर लगाना अनिवार्य होगा. इससे यह सुनिश्चित होगा कि दुकानें वैध हैं और ग्राहकों को कोई धोखा नहीं मिलेगा. कोर्ट ने यह भी कहा कि यह आदेश तुरंत लागू होगा, क्योंकि कांवड यात्रा का आज (22 जुलाई 2025) आखिरी दिन है. लेकिन QR कोड डिस्प्ले करने की मांग पर कोर्ट ने कोई अंतरिम आदेश नहीं दिया. कोर्ट का कहना था कि इस मुद्दे पर अभी और विचार करने की जरूरत है. साथ ही, अन्य संबंधित मसलों पर भी कोर्ट ने अभी कोई फैसला नहीं सुनाया. इस आदेश से कावड़ियों को फायदा होगा, क्योंकि वे अब यह आसानी से जान सकेंगे कि जिस दुकान से वे खाना खा रहे हैं, वह वैध है या नहीं. इससे खाने की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर भरोसा बढ़ेगा. वहीं, दुकानदारों को अब अपने कागजात को ठीक रखना होगा और उन्हें सार्वजनिक रूप से दिखाना होगा।




