MP से राजस्थान तक बच्चों की मौतें, सबकी हुई किडनी फेल, कफ सिरप पर सवाल
छिंदवाड़ा में खांसी की सिरप पीने के बाद 6 बच्चों की किडनी फेल होगई… बच्चों की जान नहीं बचाई जा सकी… ऐसा ही कुछ राजस्थान के सीकर में हुआ जहां एक बच्चा सिरप पीने से मौत का शिकार बन गया. दवा की बिक्री पर रोक लगा दी गई है, सैंपल को जांच के लिए भेजा गया है. केंद्र और राज्य स्तर की एजेंसियां जांच में जुटी हैं लेकिन सवाल फिर से वही है कि आखिर ये सब अनर्थ हुआ कैसे…? छिंदवाड़ा जिले के परासिया और आसपास के क्षेत्रों में पिछले 25 दिनों से एक के बाद एक बच्चों की मौत हो रही है… जिन बच्चों की मौत हुई उनकी उम्र 1 से 13 वर्ष के बीच है, पहला मामला 7 सितंबर को न्यूटन निवासी 5 वर्षीय अदनान खान का सामने आया… उसे तेज बुखार, उल्टी और पेशाब रुकने की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां किडनी फेल होने से उसकी मौत हो गई… इसके बाद दीघावानी, परासिया और उमरेठ क्षेत्र में भी इसी तरह के लक्षणों के बाद बच्चों की मौत के मामले सामने आए. प्रशासन ने शुरुआत में पानी और चूहों के सैंपल जांच के लिए भेजे…। लेकिन रिपोर्ट नेगेटिव आई… अब कलेक्टर ने Coldrif और Nextro-DS सिरप पर रोक लगा दी है. मेडिकल स्टोर्स को भी कहा गया है कि बच्चों को इस कॉम्बिनेशन के सिरप न दें… अभिभावकों से कहा गया है कि कोई भी मेडिकल परेशानी हो तो तुरंत सरकारी अस्पताल में आएं. वहीं, राजस्थान के बयाना में तीन भाई-बहनों ने खांसी का सिरप लिया… तीनों की तबीयत बिगड गई… जिसमें एक की जान नहीं बचाई जा सकी… कहा गया है कि दवा लेते ही उल्टी हुई… बच्चा बेहोश हो गया… उसे होश नहीं आया. सिरप स्थानीय सरकारी डिस्पेंसरी से ही लिया गया थाड्रग कंट्रोल विभाग राजस्थान का कहना है कि डिटेल जांच रिपोर्ट आने में 5 से 6 दिन लगेंगे… लेकिन शुरुआती जांच में पता चला है कि जो खांसी की दवा बच्चों को पिलाई गई है वो सिर्फ़ एडल्ट लोगों के इलाज में ही काम में आती है और जितने भी बच्चे इस दवा को लेने के बाद बीमार हुए हैं उनकी उम्र चार साल से कम है. लेकिन दूसरी तरफ भरतपुर के जिस सरकारी अस्पताल में बच्चों को यह दवा दी गई वहां के एक चिकित्सक ने भी इस दवा का उपयोग किया और उसके बाद उस चिकित्सक की तबियत भी बिगड गई. फिलहाल डेक्सट्रोमेथॉरफन हाइड्रोब्रोमाइड सिरप की पूरी सप्लाई पर रोक लगा दी गई है।




