सरकारी अस्पताल ने जिंदा मरीज को मृत घोषित किया, पोस्टमॉर्टम के वक्त पता चला जिंदा…
PTI मेथ छपी रिपोर्ट के मुताबिक ये मामला शनिवार, 27 दिसंबर की शाम को सामने आया. पुलिसकर्मी मरीज के शव को मॉर्चरी में शिफ्ट करने के लिए मेडिसिन वार्ड पहुंचे थे, लेकिन वहां मरीज जिंदा और होश में मिला. दरअसल,अस्पताल के मेडिसिन वार्ड नंबर 12 में दो मरीजोंको पास-पास बेड पर भर्ती किया गया था. बेडनंबर 42 पर विनोद (उम्र 42 वर्ष) और बेड नंबर43 पर एक अज्ञात बुजुर्ग व्यक्ति भर्ती थे. शनिवार को इलाज के दौरान बुजुर्ग मरीज की मृत्यु हो गई. लेकिन जूनियर डॉक्टर नेकथित तौर पर विनोद की मेडिकल फाइल में उसे मृत घोषित कर दिया.
जिसके बाद स्वरूप नगर पुलिस स्टेशन को पोस्टमॉर्टम के लिए सूचना भेज दी गई. जब पुलिस शव को शिफ्ट करने के लिए आई, तो वो हैरान रह गए. विनोद जिंदा था! इस खुलासे से अस्पताल में हड़कंप मच गया. थाने से प्रभारी अधीक्षक राकेश सिंह और मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल संजय काला वार्ड पहुंचे. जब पूछताछ की गई तो गलती करने वाले जूनियर डॉक्टर ने अपनी भूल स्वीकार की और माफी मांगी. अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए तीन कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है. इसमें जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर और एक नर्स शामिल है.




