जनगणना, चुनाव के बाद कुत्ते गिनने का काम मिला बिहार शिक्षको को…
स्कूलों के शिक्षक सरकार के लिए कर्मचारियों का वह तबका है जिससे कोई भी काम कराया जा सकता है। यानी शिक्षक गण को अपना शिक्षण का दायित्व निभाने के साथ-साथ कई ऐसे दायित्व सौंपे जाते हैं जो उनके पेशे से मेल नहीं खाते। बिहार में चुनाव हो, जाति सर्वेक्षण हो या जनगणना हो इसके लिए सबसे पहले जिम्मेदारी स्कूल अध्यापकों को दी जाती है। अब इससे भी आगे बढ़कर सासाराम के नगर निगम ने शिक्षकों को ऐसा काम दे दिया है कि वे समझ नहीं पा रहे कि वे इसे कैसे करें? उन्हें नगर निगम ने कुत्तों की गिनती करने का जिम्मा दिया।




