लोगों को लगता है कि 10 मिनट की डिलीवरी खतरे भरी होगी, क्योंकि उन्हें यह पूरा सिस्टम समझ में नहीं आता- दीपिंदर गोयल जोमैटो ceo
जोमैटो के सीईओ दीपिंदर गोयल ने 10 मिनट में डिलीवरी को लेकर उठे विवाद पर सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह तेज़ डिलीवरी डिलीवरी पार्टनर्स पर दबाव डालकर या उनसे तेज़ रफ्तार में वाहन चलवाकर नहीं कराई जाती, बल्कि यह ग्राहकों के आसपास मौजूद स्टोर्स के मजबूत नेटवर्क और प्रभावी सिस्टम डिज़ाइन की वजह से संभव हो पाती है।गोयल के अनुसार, ऑर्डर मिलने के बाद उसे औसतन 2.5 मिनट में पिक और पैक कर लिया जाता है, जबकि डिलीवरी पार्टनर लगभग 2 किलोमीटर से कम दूरी सामान्य रफ्तार में तय करता है। उन्होंने यह भी कहा कि डिलीवरी पार्टनर्स के ऐप में किसी तरह का टाइमर नहीं होता, जिससे उन पर समय का दबाव बने।दीपिंदर गोयल ने सोशल मीडिया पर गिग वर्क को लेकर किए जा रहे दावों को भ्रामक बताते हुए कहा कि लाखों लोग स्वेच्छा से इस तरह का काम चुनते हैं और कई मामलों में इसे नियमित नौकरी से बेहतर मानते हैं। साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि कोई भी सिस्टम पूरी तरह परफेक्ट नहीं होता, लेकिन कंपनी इसे लगातार बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है।




