औद्योगिक प्रतिष्ठानों का नहीं होगा निरीक्षण के नाम पर उत्पीड़न,थर्ड पार्टी आडिट योजना हुई लागू
लखनऊः अब औद्योगिक प्रतिष्ठानों को निरीक्षण के नाम पर उत्पीड़न की शिकायत नहीं रहेगी। प्रदेश सरकार ने औद्योगिक प्रतिष्ठानों के लिए जोखिम आधारित नई निरीक्षण प्रणाली लागू कर दी है। इसके तहत अब कम जोखिम वाले प्रतिष्ठानों का पांच वर्ष में केवल एक बार निरीक्षण होगा जबकि मध्यम जोखिम वाले प्रतिष्ठानों का निरीक्षण थर्ड पार्टी आडिट के माध्यम से किया जाएगा। वहीं स्टार्टअप इकाइयों को 10 वर्ष तक निरीक्षण से छूट दी गई है। शासन ने इसके लिए पुरानी निरीक्षण व्यवस्था (2017) को खत्म करते हुए नई प्रक्रिया जारी की है।अभी तक कम और मध्यम जोखिम वाले उद्योगों को विभागीय निरीक्षण कराना होता था। इसमें कई बार शिकायत आती थी। औद्योगिक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने, श्रमिकों के हितों की सुरक्षा करने और उद्योगों के लिए ईज आफ डइंग बिजनेस को सरल बनाने के उद्देश्य से यह नई नीति लागू की गई है। इसमें स्व- प्रमाणन और थर्ड पार्टी निरीक्षण की व्यवस्था को संस्थागत रूप दिया गया है। ऐसे प्रतिष्ठान जो कम जोखिम श्रेणी में आते हैं, उन्हें स्वप्रमाणन का विकल्प दिया गया है।




