नौकरी के तनाव से गई जान, परिवार को मिलेगी पेंशन’, हाईकोर्ट ने किस मामले में सुनाया ये फैसला ?
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने सेना के एक जवान की कैंसर से मौत के मामले में विशेष पारिवारिक पेंशन देने के आदेश को बरकरार रखा है. हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि सेना में लंबे समय तक रहने वाला तनाव और मानसिक दबाव भी कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का एक संभावित कारण हो सकता है. कोर्ट ने माना कि सैनिकों को अपने सेवा काल के दौरान कठोर परिस्थितियों, अनुशासन और निरंतर तनावपूर्ण माहौल में काम करना पड़ता है. ऐसे में अगर किसी जवान की मृत्यु कैंसर जैसी बीमारी से होती है, तो इसे सेवा से जुड़ी परिस्थितियो का परिणाम माना जा सकता है. कोर्ट ने कहा, ‘सेना के जवान लगातार ऐसी परिस्थितियों में काम करते हैं जहां मानसिक और शारीरिक तनाव उनकी दिनचर्या का हिस्सा होता है. ऐसे हालात में कैंसर जैसी बीमारियों का विकसित होना सेवा से असंबंधित नहीं माना जा सकता.’ यही वजह थी कि हाईकोर्ट ने जवान के परिवार को विशेष पारिवारिक पेंशन देने के पहले से जारी आदेश को सही ठहराया और उसे बरकरार रखा. कोर्ट का यह फैसला न केवल जवान के परिवार के लिए राहत लेकर आया है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि न्यायपालिका सेना के जवानों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को उनकी सेवा से सीधे जुड़ा हुआ मानती है.पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें 2019 में आर्म्स फोर्सेज ट्रिब्यूनल (AFT), चंडीगढ द्वारा दिए गए विशेष पारिवारिक पेंशन के आदेश को चुनौती दी गई थी. ट्रिब्यूनल ने अपने आदेश में जवान की मा ं कुमारी सलोचना वर्मा को उनके बेटे की मौत की तारीख से विशेष पारिवारिक पेंशन देने का निर्देश दिया था. हाईकोर्ट ने कहा कि सेना में सेवाकाल के दौरान सैनिकों को लंबे समय तक मानसिक और शारीरिक तनाव में रहना पड़ता है, जो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है. इसलिए यह बीमारी सेवा से जुड़ी मानी जा सकती है और ऐसे मामलों में परिवार को विशेष पेंशन से वंचित नहीं किया जा सकता. हाईकोर्ट ने कहा कि सलोचना वर्मा का बेटा 12 दिसंबर 2003 को पूरी तरह स्वस्थ होकर सेना में भर्ती हुआ था, यानी उसे बीमारी सेवा के दौरान ही हुई. अदालत ने माना कि कैंसर अचानक नहीं होता, बल्कि यह एक धीमी प्रक्रिया है जिसमें सामान्य कोशिकाएं धीरे-धीरे कैंसरग्रस्त कोशिकाओं में बदलती हैं और यह प्रक्रिया लगातार मानसिक व शारीरिक तनाव के कारण तेज़ हो सकती है.




