स्वीमिंग पूल में तैरने वाले हो जाएं अलर्ट, जान ले रहा है ‘दिमाग’ खाने वाला ये कीड़ा; अब तक 19 मरे
अगर आप स्वीमिंग, नहर, नदी या तालाब में तैरते हैं तो सतर्क रहें. पानी में रहने वाला एक जहरीला कीड़ा लोगों की जान ले रहा है. यह कीड़ा नंगी आंखो से नजर नहीं आता लेकिन शरीर में प्रवेश करके दिमाग को कुतरने लग जाता है और मरीज को पहले लकवे का शिकार कर धीमी मौत की ओर धकेल देता है. केरल में अब तक इस तरह के 66 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से 17 की मौत हो चुकी है. डॉक्टरों के मुताबिक, यह मौत ‘मष्तिष्क खाने वाले दुर्लभ अमीबा’ की वजह से हुई है. इस बीमारी को प्राइमरीअमीबिकमेनिन्जोएन्सेफलाइटिस (PAM) भी कहा जाता है. सहयोगी वेबसाइट WION के मुताबिक, केरल के स्वास्थ्य विभाग ने शुरुआत में इस तरह के 2 मामलों की पुष्टि की थी और 14 मामलों में जांच की बात कही थी. इसके बाद 12 सितंबर को 2 नए मामले सामने आए. जिसके बाद इस ऐसे मरीजों की संख्या 19 और मृतकों की 7 हो गई. अब विभाग ने इन आंकड़ों को एक बार फिर अपडेट किया है. इसके बाद अब तक राज्य में इस अमीबा से 66 लोग संक्रमित हो चुके हैं, जबकि 17 लोग मर चुके हैं.अधिकारियों के मुताबिक, यह बीमारी नेगलेरिया फाउलेरी नामक अमीबा के कारण होती है. इस अमीबा को आमतौर पर ‘मस्तिष्क खाने वाला अमीबा’ कहा जाता है. यह बीमारी बहुत दुर्लभ लेकिन घातक मानी जाती है. दुनिया में इस बीमारी की मृत्यु दर 97% है यानी अगर कोई इस अमीबा से संक्रमित हुआ तो उसका मरना लगभग तय है. हालांकि राहत की बात ये है कि केरल में इस बीमारी से मृत्यु दर 24% मिली है, जिससे अधिकारियों को लोगों को इस बीमारी से सचेत करने का मौका मिल गया है. यह घातक अमीबा आमतौर पर दूषित ताजे पानी में पाया जाता है. जब कोई शख्स उस पानी में नहाने के लिए प्रवेश करता है तो नाक के जरिए यह शरीर में प्रवेश कर जाता है. नदियों-तालाबों या कम क्लोरीन वाले स्वीमिंग पूल में भी यह खतरनाक अमीबा मिल सकता है. हालांकि केरल में 3 महीने का ऐसा बच्चा भी इस अमीबा का शिकार हुआ है, जिसे केवल अपने घर पर नहलाया गया था.




