नागरिक पुलिस की तरह PAC कर्मियों के प्रमोशन प्रक्रिया ने पकड़ा जोर, फायर विभाग प्रमोशन में फिसड्डी
सिटीजन पुलिस की तरह पीएसी पीएसी की मोटरसाइकिल में हो चुकी है चोरी। करीब 10 साल से सिटीजन पुलिस के पेट्रोलियम पदार्थो में चल रहे पीएसी के जवानों को भी प्रमोशन का फायदा देने के लिए डीज कमेटी बनाई गई है, जो डाकुओं पर विचार कर उनकी राह तलाश रही है।
वहीं, यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नतिबोर्ड को पीएसी के सिपाही, मुख्य आरक्षी, प्लाटून कमांडर के पद पर प्रोन्नति का प्रस्ताव भेजा गया है। वहीं अग्निशमन विभाग में 1988के बाद से किसी भी सिपाही का प्रमोशन नहीं हुआ है।
बता दें, बोर्ड में भर्ती के लिए चॉकलेट चॉकलेट के कई प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं। इनमें से वर्ष 2014 से भर्ती 1015 लैब को मुख्य आरक्षी के पद पर प्रोन्नत करने की प्रक्रिया जारी है। नागरिक पुलिस के जून 2015 तक भर्ती आरक्षी मुख्य आरक्षी बन गयी। इसी तरह 352 मुख्य आरक्षियों को प्लाटून कमांडर के पद पर प्रोन्नत करने की कार्यवाही चल रही है। इसी तरह 2011 की सीधी भर्ती कंपनी में प्लाटून कमांडरों को कमांडर और पर्यवेक्षक सशस्त्र पुलिस के पद पर भर्ती वर्ष भी बोर्ड में जारी की गई है। और हीं, नागरिक पुलिस में वर्ष 2013 तक भर्ती एवं प्रोन्नति के दौरान उप निरीक्षकों को निरीक्षक के पद का भुगतान किया जा चुका है।
प्रमोशन विज्ञापन के मामले में अग्निशमन विभाग में सबसे फिसड्डी साबित हो रही है, जहां 2015 तक सिटीजन पुलिस के जवानों का प्रमोशन पा कर हेडकंसल्ट बन गए थे, वहीं अग्निशमन विभाग में 1988 के बाद से किसी भी सिपाही का प्रमोशन नहीं हुआ है।




