ऑस्ट्रेलिया में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल बैन !
सोशल मीडिया की वजह से लोगों को एक ऐसा मंच मिला है जहां वह किसी भी मुद्दे पर खुलकर बात कर सकते हैं. खासतौर पर एक नया मंच मिल गया है. हालांकि, दूसरी ओर इस प्लेटफॉर्म ने बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर सवाल भी खड़े कर दिए हैं. इन प्लेटफॉर्म्स के कारण बच्चों में तनाव के भी कई मामले सामने आए हैं. कई ऐसे मामले भी सामने आए हैं जब बच्चों ने मेंटल स्ट्रेस बढ़ने की इस वजह से गलत कदम भी उठाए हैं. ऐसे में कई देशों ने बच्चों को सोशल मीडिया की लत से बचाने के लिए कड़े नियम बनाए हैं, यहां कर कि कई देशों ने तो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को बैन भी कर दिया है. चलिए जानते हैं कहां बच्चों के लिए इसका इस्तेमाल मना है.ऑस्ट्रेलिया में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल पूरी तरह से बैन है. यह कानून बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा करना है. ऐसे में सोशल मीडिया कंपनियों को भी यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके प्लेटफॉर्म पर कोई 16 साल से कम उम्र का यूजर न हो. अगर ऐसा कुछ पकड़ा जाता है तो कंपनी पर भारी जुर्माना लग सकता है. फ्रांस में अगर कोई बच्चा 15 साल से छोटा है और सोशल मीडिया पर अकाउंट बनाना चाहता है तो उसे पहले अपने माता-पिता की इजाजत लेनी होगी. वहां ऐसा कानून बनाया गया है जिससे सोशल मीडिया कंपनियों को यह पक्का करना होगा कि बच्चे की उम्र सही है. इसका मकसद यह है कि बच्चे ज्यादा देर तक स्क्रीन पर न रहें और उन्हें ऑनलाइन परेशान किए जाने जैसे खतरों से बचाया जा सके.यूके में ऑनलाइन सेफ्टी एक्ट लागू है. ये कानून सोशल मीडिया कंपनियों को बच्चों की सुरक्षा को लेकर सख्त नियमों का पालन करने के लिए कहता है. हालांकि, वहां 16 साल से छोटे बच्चों को सोशल मीडिया इस्तेमाल करने से रोका नहीं गया है, लेकिन ये जरूर तय किया गया है कि बच्चों को उनकी उम्र के हिसाब से ही कंटेंट दिखाया जाए और उनकी प्राइवेसी का पूरा ध्यान रखा जाए. जर्मनी में अगर कोई बच्चा 16 साल से छोटा है और सोशल मीडिया चलाना चाहता है तो उसे पहले अपने माता-पिता की इजाजत लेनी होती है. ये नियम इसलिए बनाया गया है ताकि बच्चे इंटरनेट पर किसी धोखे या गलत व्यवहार का शिकार न हों और उन्हें सुरक्षित रखा जा सके।




