इटावा में अखिलेश का केदारनाथ मंदिर, उत्तराखंड सरकार ने शुरू की जांच
देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक बाबा केदारनाथ के उत्तर प्रदेश के इटावा में बने मंदिर को लेकर उत्तराखंड में अब भारी विरोध शुरू हो गया है, जिसका निर्माण केदारनाथ धाम की तर्ज पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इटावा में कराया है, और उसका नाम केदारेश्वर मंदिर रखा गया है, लेकिन इस मंदिर का स्वरूप बिल्कुल केदारनाथ धाम की तरह ही बनाया गया है. जिसको लेकर उत्तराखंड में केदारनाथ धाम के तीर्थ पुरोहितों ने इटावा में बनाए गए मंदिर का विरोध शुरू कर दिया है. जिस पर अब विपक्ष ने भी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है, क्योंकि सरकार ने कुछ दिन पहले दिल्ली में बन रहे केदारनाथ मंदिर विवाद के बाद चार धाम की तर्ज पर देश में कहीं भी मंदिर बनाने के खिलाफ कानून बनाने की बात कही थी.जहां सावन के पावन पर्व में उत्तराखंड हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज रहा है तो इसी बीच एक नया विवाद शुरू हो गया है, जो देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक केदारनाथ धाम से जुड़ा हुआ है, दरअसल समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने इटावा में सैफई पार्क के सामने केदारनाथ धाम की आकृति के अनुरूप एक भव्य मंदिर का निर्माण कराया है, जिसे केदारेश्वर धाम का नाम दिया गया है. बड़ी बात यह है कि कुछ दिन पहले ऐसा ही एक मंदिर केदारनाथ धाम की तर्ज पर दिल्ली में बनाया जा रहा था. जिस पर काफी विवाद हुआ. इसके बाद धामी सरकार ने कैबिनेट बैठक में एक ऐसा कड़ा कानून बनाने का फैसला लिया था, जिसके बाद देश में उत्तराखंड के चार धाम से जुड़े मंदिरों या उनसे मिलते-जुलते मंदिरों के निर्माण ना हो सके.




