बड़ा झटका! अब Ola-Uber में नहीं चलेंगी 8 साल से पुरानी गाड़िया
केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है जो पूरे देश में टैक्सी कारोबार का चेहरा बदल सकता है. नए दिशा-निर्देशों के तहत अब ओला, ऊबर, रैपिडो जैसे एग्रीगेटर्स 8 साल से ज्यादा पुरानी गाड़ियों को अपने प्लेटफॉर्म पर नहीं रख सकेंगे. इससे लाखों ड्राइवर प्रभावित हो सकते हैं और बाजार में नई गाड़ियों की मांग भी तेजी से बढ सकती है. केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने एग्रीगेटर्स के लिए संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं. इसके तहत कोई भी वाहन (चाहे वो कार, बस, श्री-व्हीलर या मोटरसाइकिल हो) अगर 8 साल से पुराना है, तो उसे किसी भी एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म पर शामिल नहीं किया जाएगा. इसका मतलब है कि ओला-ऊबर के ड्राइवरों को अब अपनी पुरानी गाड़ियां बदलनी होंगी या निजी उपयोग के लिए रखना पड़ेगा.केवल गाड़ी नहीं, ड्राइवरों के लिए भी सख्त शर्तें तय की गई हैं. अब हर ड्राइवर का मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन किया जाएगा. यह मूल्यांकन एग्रीगेटर्स को ही कराना होगा ताकि यह तय किया जा सके कि वह सार्वजनिक परिवहन सेवा देने के लिए मानसिक रूप से उपयुक्त हैं या नहीं. साथ ही, ड्राइवरों को उनके वाहन और ड्राइविंग लाइसेंस की जानकारी पीछे की सीट पर यात्रियों के लिए स्पष्ट रूप से डिस्प्ले करनी होगी. केवल गाड़ी नहीं, ड्राइवरों के लिए भी सख्त शर्ते तय की गई हैं. अब हर ड्राइवर का मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन किया जाएगा. यह मूल्यांकन एग्रीगेटर्स को ही कराना होगा ताकि यह तय किया जा सके कि वह सार्वजनिक परिवहन सेवा देने के लिए मानसिक रूप से उपयुक्त है या नहीं. साथ ही, ड्राइवरों को उनके वाहन और ड्राइविंग लाइसेंस की जानकारी पीछे की सीट पर यात्रियों के लिए स्पष्ट रूप से डिस्प्ले करनी होगी।




