इंदौर में 14 मौतों का सबब बना पाइपलाइन लीकेज, जिससे पानी में मिले खतरनाक बैक्टीरिया, जांच में पुष्टि, NHRC ने मांगी रिपोर्ट
देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित पानी से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को कुलकर्णी का भट्टा निवासी 43 वर्षीय अरविंद लिखार की उपचार के दौरान मौत हो गई। इसके साथ ही दूषित पानी से मरने वालों की संख्या 15 तक पहुंच गई है। स्वजन ने बताया कि वह बेलदारी करता था और पिछले कई दिनों से भागीरथपुरा में मजदूरी करने जा रहा था।
भागीरथपुरा से लिए गए पानी के सैंपलों की जांच रिपोर्ट गुरुवार को सामने आ गई। एमजीएम मेडिकल कालेज और नगर निगम की लैब, दोनों ने पुष्टि की है कि रहवासी नर्मदा जल समझकर जो पानी पी रहे थे, उसमें ड्रेनेज मिला हुआ था। पानी में खतरनाक बैक्टीरिया पाए गए हैं जो इस्तेमाल के लायक भी नहीं था।
मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया है और दो सप्ताह में मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने कहा कि खबरों के मुताबिक लोग लगातार दूषित पानी की शिकायत कर रहे, लेकिन अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नही




